सिरोही: सिरोही (Sirohi) के राजकीय मेडिकल कॉलेज (Government Medical College) से संबद्ध जिला अस्पताल (District Hospital) में पानी की व्यवस्था सुधारने के लिए 9.5 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर काम नहीं दिख रहा।
यह है सिस्टम का हाल: सिरोही अस्पताल में पानी व्यवस्था पर 9.5 लाख खर्च, काम गायब
कियां इतनी बदहाल हैं कि इन्हें देखकर कोई भी पानी पीना पसंद नहीं करेगा
HIGHLIGHTS
- साढ़े 9 लाख खर्च, फिर भी गंदा पानीअस्पताल की छत पर खुली और जर्जर टंकियांमरीजों की सेहत से सीधा खिलवाड़जल प्रबंधन के नाम पर बड़ा सवाल
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राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में पानी की सुदृढ़ व्यवस्था के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। जून माह में ही यह कार्य पूर्ण होने का दावा किया गया था, लेकिन अस्पताल की छत पर रखी पानी की टंकियों की बदहाली देखकर यह दावा खोखला साबित हो रहा है।
लाखों का बजट, काम नदारद
अस्पताल प्रशासन ने टंकियों की साफ-सफाई, नए ढक्कन लगाने और नई टंकियां लगाने जैसे कार्यों के लिए साढ़े नौ लाख रुपए खर्च करने की बात कही है। यह राशि राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (आरएमआरएस) की बैठक में प्रस्तावित और अनुमोदित की गई थी।
हालांकि, हकीकत यह है कि लाखों रुपए की यह राशि कहां खर्च हुई और कितना काम किया गया, इसका कोई हिसाब नहीं दिख रहा। टंकियों की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।
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बदहाल टंकियां, स्वास्थ्य से खिलवाड़
अस्पताल की छत पर रखी पानी की टंकियां इतनी बदहाल हैं कि इन्हें देखकर कोई भी पानी पीना पसंद नहीं करेगा। कई टंकियों पर ढक्कन ही नहीं हैं, जिससे उनमें गंदगी और कचरा भरा पड़ा है।
इन टंकियों में मकड़ी के जाले और मच्छर पनप रहे हैं, जो मरीजों और स्टाफ के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। कुछ टंकियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर छत पर पड़ी हैं।
जून में पूर्णता का दावा, स्थिति विपरीत
राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (आरएमआरएस) की 19 जून को हुई बैठक में कार्यों की पूर्णता का विवरण प्रस्तुत किया गया था। इसमें नल-बिजली रिपेयरिंग, टंकियों की सफाई, ढक्कन लगाने और नई टंकियां लगाने जैसे कार्यों को पूरा बताया गया था।
इसके बावजूद, धरातल पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। यह लाखों रुपये का बजट कहां खप गया, यह एक गंभीर जांच का विषय है और इस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
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