भक्ति से रहस्यमयी अंत तक की कहानी: साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत: ब्लैकमेलिंग, वायरल वीडियो और इंजेक्शन का रहस्य, क्या है पूरा मामला?

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत: ब्लैकमेलिंग, वायरल वीडियो और इंजेक्शन का रहस्य, क्या है पूरा मामला?
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Highlights

  • साध्वी प्रेम बाईसा का जोधपुर के आश्रम में निधन।
  • पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
  • वायरल वीडियो और 20 लाख की फिरौती का मामला आया सामने।
  • पिता ने इंजेक्शन के बाद तबीयत बिगड़ने का लगाया आरोप।

JODHPUR | पश्चिमी राजस्थान की आध्यात्मिक दुनिया में अपनी मधुर आवाज और समाज सेवा के लिए पहचानी जाने वाली साध्वी प्रेम बाईसा का आकस्मिक निधन राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जोधपुर के आरती नगर स्थित आश्रम से शुरू हुई यह घटना अब एक हाई-प्रोफाइल डेथ मिस्ट्री में तब्दील हो चुकी है। 28 जनवरी 2026 को हुई इस घटना ने न केवल उनके हजारों अनुयायियों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पुलिस के सामने भी कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ दिए हैं। बाड़मेर की इस युवा साध्वी का इतनी कम उम्र में दुखद अंत होना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।

घटनाक्रम: आश्रम से अस्पताल तक का रहस्यमयी सफर

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को जोधपुर के आरती नगर स्थित उनके आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनके पिता और आश्रम के कुछ सेवादार उन्हें तुरंत प्रेक्षा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। हालांकि, जब वहां डॉक्टरों ने उनकी प्रारंभिक जांच की, तो उनकी सांसें थम चुकी थीं और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने मौत को संदिग्ध मानते हुए इसकी सूचना पुलिस को दी। लेकिन इस बीच, आश्रम के लोग साध्वी के पार्थिव शरीर को वापस आश्रम ले गए।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम आरती नगर आश्रम पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शव को पुनः अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया ताकि मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा करेगी। फिलहाल, पुलिस आश्रम के सेवादारों और साध्वी के परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा?

साध्वी प्रेम बाईसा का जन्म बाड़मेर जिले के परेऊ गांव में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव भक्ति और अध्यात्म की ओर था। वे महंत वीरमनाथ की शिष्या थीं और उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। वे एक कुशल कथा वाचिका और सुरीली भजन गायिका के रूप में विख्यात थीं। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जिलों में उनकी गहरी पैठ थी।

साध्वी ने समाज में व्याप्त बुराइयों जैसे नशाखोरी और अशिक्षा के खिलाफ बड़े अभियान चलाए थे। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में नारी सशक्तिकरण और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके कार्यक्रमों में हजारों की भीड़ उमड़ती थी, जो उन्हें सुनने के लिए मीलों दूर से आते थे। उनकी लोकप्रियता ही थी कि उनकी मौत की खबर सुनते ही पूरे मारवाड़ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

विवादों का साया: वायरल वीडियो और ब्लैकमेलिंग का आरोप

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस उनके पिछले कुछ महीनों के घटनाक्रमों की भी गहनता से जांच कर रही है। कुछ समय पहले साध्वी एक बड़े विवाद के केंद्र में आई थीं, जब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस वीडियो में वे एक व्यक्ति के गले मिलते नजर आ रही थीं, जिसे लेकर कुछ लोगों ने उनके चरित्र पर सवाल उठाए थे।

हालांकि, इस घटना से आहत होकर साध्वी ने एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी किया था। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए बताया था कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि उनके सगे पिता हैं, जिन्होंने उनकी मां के निधन के बाद उन्हें पाला-पोसा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं और वीडियो को सार्वजनिक न करने के बदले उनसे 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी। इस संबंध में उन्होंने पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। माना जा रहा है कि यह मानसिक तनाव उनकी सेहत बिगड़ने का एक बड़ा कारण हो सकता है।

इंजेक्शन का रहस्य और संदिग्ध परिस्थितियां

साध्वी के करीबियों और परिजनों ने उनकी मौत को लेकर कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो विवाद और ब्लैकमेलिंग के चलते वे काफी समय से तनाव में थीं और उन्हें लगातार बुखार रह रहा था। बुधवार को जब उनकी तबीयत अधिक खराब हुई, तो एक डॉक्टर को आश्रम बुलाया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन दिए जाने के मात्र 5 मिनट बाद ही उनकी स्थिति गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस अब उस डॉक्टर की पहचान करने और इंजेक्शन की प्रकृति की जांच करने में जुटी है। क्या वह इंजेक्शन गलत था? या क्या साध्वी को जहर दिया गया था? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मिलेगा। पुलिस ने साध्वी का मोबाइल फोन और आश्रम के सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत से पहले उनकी किससे बात हुई थी और आश्रम में कौन-कौन आया था।

अनुयायियों में आक्रोश और न्याय की मांग

साध्वी प्रेम बाईसा के निधन के बाद उनके अनुयायी और विभिन्न हिंदू संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। बाड़मेर और जोधपुर में उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाया है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में किसी भी दोषी को बख्शा न जाए। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आश्रम और अस्पताल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

जोधपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले को हर संभावित कोण से देख रहे हैं। ब्लैकमेलिंग के एंगल से लेकर चिकित्सा लापरवाही तक, हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। राजस्थान की इस प्रसिद्ध साध्वी की मौत ने न केवल एक आध्यात्मिक शून्य पैदा किया है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी मौत का पर्दाफाश कर सकती है।

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