Highlights
- सरकार ने समय बढ़ाने पर अभी नहीं लिया कोई फैसला
- अशोक गहलोत ने महिला सुरक्षा का हवाला देकर किया कड़ा विरोध
- 1 अप्रैल से राजस्थान में महंगी होने वाली है शराब और बीयर
जयपुर | राजस्थान में शराब की दुकानों के खुलने का समय बढ़ाने की चर्चाओं ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। एक तरफ जहां भाजपा सरकार इस प्रस्ताव पर मंथन की बात कह रही है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे सामाजिक नैतिकता और सुरक्षा के खिलाफ बताया है। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने गुरुवार को जयपुर में स्पष्ट किया कि सरकार ने अभी तक समय सीमा बढ़ाने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों ने सरकार के समक्ष समय बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिसकी वर्तमान में समीक्षा की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि सरकार हर पहलू पर विचार करने के बाद ही कोई कदम उठाएगी।
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संभावित फैसले की कड़ी निंदा की है। गहलोत ने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने 2018 में अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा के मद्देनजर रात 8 बजे के बाद शराब की बिक्री पर रोक लगाने का कड़ा फैसला लिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि देर रात तक शराब की बिक्री सीधे तौर पर अपराध और महिलाओं के विरुद्ध असुरक्षा को बढ़ावा देती है। गहलोत ने भाजपा सरकार की इस विचारधारा को जनविरोधी बताते हुए कहा कि नैतिकता को ताक पर रखकर लिए जाने वाले निर्णय राज्य की शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार की नई आबकारी नीति 2025-2029 आगामी 1 अप्रैल से प्रभावी होने वाली है। इस नई नीति के तहत अंग्रेजी शराब की बोतल पर 20 रुपये और बीयर पर 5 रुपये तक की बढ़ोतरी होने वाली है। साथ ही, शराब की दुकानों को स्कूल-कॉलेज और धार्मिक स्थलों से 150 मीटर की दूरी पर रखने का नियम भी लागू किया गया है। वर्तमान राजनीतिक गतिरोध के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार समय सीमा के मुद्दे पर विपक्ष के दबाव के आगे क्या रुख अपनाती है।
राजनीति