Rajasthan: शाहबाद एवं किशनगंज तहसील की भू-जमाबंदियों कोऑनलाइन किए जाने का कार्य आगामी 6 माह में होगा पूरा - राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा 

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राजस्व मंत्री बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि शाहबाद तहसील के कुल 236 राजस्व ग्रामों में से 48 राजस्व ग्रामों में लम्बित तरमीमों, नक्शों के नष्ट या जीर्ण-शीर्ण होने सहित आदि कारणों के निस्तारण के लिए अक्टूबर 2021 में सर्वे की अधिसूचना जारी की गई है। इसके अतिरिक्त 188 गांवों में भू-प्रबंधन के कारण 3180 तरमीम लम्बित हैं। इन शेष रहे राजस्व ग्रामों के राजस्व रिकॉर्ड भी आगामी 6 महिने में ऑनलाइन कर दिए जाएंगे।

जयपुर, 24 जनवरी। राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा ने कहा कि बारां जिले की शाहबाद एवं किशनगंज तहसील के शेष राजस्व ग्रामों की जमाबंदियों को ऑनलाइन अधिसूचित किए जाने का कार्य आगामी 6 माह में पूर्ण कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सहरिया जनजाति बाहुल्य क्षेत्र शाहबाद तहसील में  भू-बंदोबस्त का कार्य 58 वर्ष पहले हुआ था तथा इस क्षेत्र में अत्यधिक आवंटन, डिक्री, बंटवारे, इजराय एवं राज्य व राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्य हुए हैं। जिससे क्षेत्र में राजस्व गांवों के मौके एवं रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने से राजस्व रिकॉर्ड को फिलहाल ऑनलाइन अधिसूचित नहीं किया जा सका है।

राजस्व मंत्री बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने बताया कि शाहबाद तहसील के कुल 236 राजस्व ग्रामों में से 48 राजस्व ग्रामों में लम्बित तरमीमों, नक्शों के नष्ट या जीर्ण-शीर्ण होने सहित आदि कारणों के निस्तारण के लिए अक्टूबर 2021 में सर्वे की अधिसूचना जारी की गई है।

इसके अतिरिक्त 188 गांवों में भू-प्रबंधन के कारण 3180 तरमीम लम्बित हैं। इन शेष रहे राजस्व ग्रामों के राजस्व रिकॉर्ड भी आगामी 6 महिने में ऑनलाइन कर दिए जाएंगे।

इससे पहले विधायक ललित मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में राजस्व मंत्री ने अवगत कराया कि बारां जिले की किशनगंज तहसील के कुल 213 राजस्व ग्रामों में से 186 ग्रामों का राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन अधिसूचित किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि शेष 27 गांवों में जटिल तरमीम, अपवादित खाते, रकबे में कमी, नक्शों के नष्ट होने या जीर्ण-शीर्ण अवस्था में होने एवं आवंटन संबंधित प्रकरणों के होने के कारण इन ग्रामों को ऑनलाईन अधिसूचित नहीं किया जा सका। इन गांवों के राजस्व रिकॉर्ड को ऑनलाइन किए जाने का कार्य प्रक्रियाधीन है।

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