विकास अधिकारियों का निलंबन रद्द करने की मांग: सिरोही में पंचायतीराज विकास अधिकारियों ने मंत्री ओटाराम देवासी को सौंपा ज्ञापन

सिरोही में पंचायतीराज विकास अधिकारियों ने मंत्री ओटाराम देवासी को सौंपा ज्ञापन
otaram dewasi
Ad

Highlights

  • विकास अधिकारी संघ ने मंत्री ओटाराम देवासी को ज्ञापन सौंपकर निलंबन रद्द करने की मांग की।
  • रेवदर और शिवगंज पंचायत समितियों के क्लस्टर प्रभारियों पर हुई कार्रवाई का विरोध जताया गया।
  • अधिकारियों ने बताया कि पदों की भारी कमी के कारण एक अधिकारी पर कई क्लस्टरों का भार है।
  • मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर स्वच्छता कार्यों में लापरवाही के चलते अधिकारी निलंबित हुए थे।

सिरोही | राजस्थान पंचायतीराज अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारी संघ की जिला शाखा सिरोही ने अपनी मांगों को लेकर राज्य मंत्री ओटाराम देवासी को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने पंचायत समिति रेवदर और शिवगंज के क्लस्टर प्रभारियों का निलंबन तुरंत प्रभाव से निरस्त करने की पुरजोर मांग उठाई है।

पदों की कमी और काम का भारी दबाव

ज्ञापन में विस्तार से बताया गया कि पंचायत समिति रेवदर में सहायक विकास अधिकारियों के स्वीकृत आठ पदों में से केवल एक ही अधिकारी कार्यरत है। शिवगंज पंचायत समिति में भी चार पद रिक्त चल रहे हैं जिसके कारण प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहे हैं। वर्तमान स्थिति में प्रत्येक अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारी को चार-चार क्लस्टरों का प्रभार सौंपा गया है। इन क्लस्टरों के अंतर्गत प्रति क्षेत्र चार से पांच ग्राम पंचायतें आती हैं जिनका पर्यवेक्षण करना एक व्यक्ति के लिए कठिन है।

बिना पक्ष सुने कार्रवाई का विरोध

अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि उन पर स्वच्छ भारत मिशन के अलावा अन्य महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में बिना किसी प्रकार का पक्ष सुने क्लस्टर प्रभारियों को निलंबित करना पूरी तरह से अनुचित और न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह राणावत, श्यामसुंदर सिंह और पुखराज पुरोहित उपस्थित रहे। इनके साथ भभूताराम मीणा और नटवरलाल जीनगर सहित बड़ी संख्या में अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारी भी वहां मौजूद थे।

निलंबन का मुख्य कारण और पृष्ठभूमि

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने स्वच्छता कार्यों के निरीक्षण के बाद यह कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त आयुक्त ब्रजेश कुमार चंदौलिया की रिपोर्ट के आधार पर सात जनवरी को निलंबन के आधिकारिक आदेश जारी किए गए थे। संयुक्त शासन सचिव ब्रजेश कुमार चंदौलिया ने पंचायत समिति रेवदर और शिवगंज की विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा किया था। वहां स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चल रहे स्वच्छता कार्यों के निरीक्षण में काफी गंभीर कमियां पाई गई थीं। इसी निरीक्षण रिपोर्ट को आधार बनाकर क्लस्टर प्रभारियों को उनके कर्तव्यों में लापरवाही बरतने का दोषी माना गया था। अब संघ ने मंत्री देवासी से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने और निलंबन वापस लेने का आग्रह किया है।

Must Read: भाजपा के ‘भ्रष्टाचार की योजना’ को गहलोत सरकार ने रखा जारी, अब जनता से संवाद करने को मजबूर

पढें राजस्थान खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें thinQ360 App.

  • Follow us on :