Highlights
- नीलगाय को बचाने के प्रयास में पलटी कार।
- स्वामी रामानंद महाराज को आई मामूली चोटें।
- खेजड़ी संरक्षण कानून की मांग को लेकर हुई थी सीएम से मुलाकात।
बीकानेर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जयपुर में मुलाकात कर वापस लौट रहे मुकाम मठ के पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद महाराज की कार रविवार देर रात जसरासर-कातर मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में स्वामी रामानंद महाराज बाल-बाल बच गए, हालांकि उन्हें मामूली चोटें आई हैं।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब सड़क पर अचानक आई नीलगाय को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित हो गई। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर हड़कंप मच गया। स्थानीय बंधाला सरपंच बस्तीराम और अन्य ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महाराज को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मठ भेज दिया गया है।
खेजड़ी संरक्षण के लिए की थी मुलाकात
हादसे से कुछ घंटे पहले ही संतों का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिला था। इस बैठक में राजस्थान के राज्य वृक्ष 'खेजड़ी' की कटाई को रोकने और इसके संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की गई थी। स्वामी रामानंद महाराज इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे। बैठक को काफी सकारात्मक माना जा रहा था, जिसमें विधानसभा सत्र के दौरान संरक्षण कानून लाने पर चर्चा हुई थी।
अनुयायियों में चिंता की लहर
महाराज के स्वास्थ्य की जानकारी मिलते ही उनके अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ गई। हालांकि, मठ द्वारा जारी सूचना के अनुसार उनकी स्थिति अब स्थिर है और वे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने भी घटना स्थल का जायजा लिया है। संतों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान खेजड़ी की कटाई पर तत्काल रोक लगाने की अपील की थी, जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना था। फिलहाल, महाराज का उपचार पूरा हो चुका है और वह सुरक्षित हैं।
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