Highlights
- थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नारी का 6 से 10 फरवरी तक राजस्थान दौरा।
- जयपुर के आमेर किला और हवा महल का करेंगी दीदार।
- जोधपुर के मेहरानगढ़ और उम्मेद भवन पैलेस की देखेंगी खूबसूरती।
- राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रभावित होकर चुनी यह यात्रा।
जयपुर | थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नारी नरीरत्ना आज 6 फरवरी को राजस्थान के अपने पांच दिवसीय शाही दौरे पर पहुंच रही हैं। 10 फरवरी तक चलने वाले इस दौरे के दौरान वह प्रदेश की विश्वप्रसिद्ध मेहमाननवाजी, राजपूताना शान और ऐतिहासिक सुंदरता का अनुभव करेंगी। उनके आगमन को लेकर जयपुर और जोधपुर में विशेष तैयारियां की गई हैं, जहां वे राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखेंगी।
राजकुमारी के दौरे का मुख्य केंद्र पिंक सिटी जयपुर और ब्लू सिटी जोधपुर रहेंगे। जयपुर में वे आमेर किला, हवा महल, त्रिपोलिया बाजार और सिटी पैलेस जैसी ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण करेंगी। इन स्थलों के शानदार इतिहास और वास्तुकला को समझने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। इसके बाद वे जोधपुर के लिए रवाना होंगी, जहां मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन पैलेस और जसवंत थड़ा की शाही शान उन्हें मंत्रमुग्ध करेगी।
इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों की समीक्षा पहले ही की जा चुकी है। रॉयल थाई दूतावास की राजदूत चवनार्ट थांगसुमफंत ने हाल ही में शासन सचिवालय में राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मुलाकात की थी। राजदूत ने बताया कि राजकुमारी राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान से काफी प्रभावित हैं और इसी कारण उन्होंने अपनी यात्रा के लिए इस राज्य को चुना है। मुख्य सचिव ने इस दौरे को राज्य के लिए गर्व की बात बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजस्थान के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक सुनहरा अवसर है।
थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नारी नरीरत्ना वर्तमान राजा महा वजीरालोंगकोर्न (किंग रामा X) की छोटी बेटी हैं। 8 जनवरी 1987 को जन्मी राजकुमारी न केवल राजघराने की सक्रिय सदस्य हैं, बल्कि उन्हें दुनिया की सबसे स्टाइलिश राजकुमारियों में भी गिना जाता है। पेरिस से फैशन की पढ़ाई करने वाली राजकुमारी का अपना फैशन लेबल 'Sirivannavari' है और वे अक्सर अंतरराष्ट्रीय फैशन वीक्स में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हैं। फोर्ब्स ने भी उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली युवा रॉयल्स की सूची में स्थान दिया है। उनका यह राजस्थान दौरा भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
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