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राजनीति

राजनीतिक संघर्ष संयम लोढ़ा Vs पायलट: MLA संयम लोढ़ा ने सचिन पायलट पर तीखा हमला किया, नाखून कटवाकर शहीद होना चाहते हैं पायलट

गणपत सिंह मांडोली

पायलट पर लोढ़ा के आरोप है कि कि सचिन पायलट सत्ताधारी दल के खिलाफ चुनावी वर्ष में आरोप लगाकर नाखून कटवाकर शहीद जैसी छवि बनाना चाहते हैं। लोढ़ा का तर्क है कि पायलट ने अनियमित तरीके से बंगला आवंटन प्राप्त करके स्थापित नियमों का उल्लंघन किया है। इस आरोप का तात्पर्य है कि पायलट को विशेष व्यवहार या तरजीह दी गई है, जो इस तरह

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HIGHLIGHTS

  • पायलट पर लोढ़ा के आरोप है कि कि सचिन पायलट सत्ताधारी दल के खिलाफ चुनावी वर्ष में आरोप लगाकर नाखून कटवाकर शहीद जैसी छवि बनाना चाहते हैं। लोढ़ा का तर्क है कि पायलट ने अनियमित तरीके से बंगला आवंटन प्राप्त करके स्थापित नियमों का उल्लंघन किया है। इस आरोप का तात्पर्य है कि पायलट को विशेष व्यवहार या तरजीह दी गई है, जो इस तरह के आवंटन को नियंत्रित करने वाले नियमों के खिलाफ है।

सिरोही | मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार और सिरोही के विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट पर तीखा हमला किया है।

लोढ़ा ने पायलट पर आरोप लगाया कि वह नाखून कटवाकर शहीद होना चाहते हैं, लेकिन राजस्थान की जनता जानती है कि क्या सही है।

उन्होंने पायलट पर सरकारी बंगले, पीतल के गेट से एंट्री और विधानसभा की सीट के लिए दिल्ली से फोन करवाने का भी आरोप जड़ा है।

आजकल राजस्थान में राजनीतिक परिदृश्य विवादों और आरोपों में उलझा हुआ है, लोढ़ा के आरोप इस चल रहे झगड़े में कुछ नई बातें लेकर आए हैं।

आरोप और प्रत्यारोप

पायलट पर लोढ़ा के आरोप है कि कि सचिन पायलट सत्ताधारी दल के खिलाफ चुनावी वर्ष में आरोप लगाकर नाखून कटवाकर शहीद जैसी छवि बनाना चाहते हैं। लोढ़ा का तर्क है कि पायलट ने अनियमित तरीके से बंगला आवंटन प्राप्त करके स्थापित नियमों का उल्लंघन किया है।

इस आरोप का तात्पर्य है कि पायलट को विशेष व्यवहार या तरजीह दी गई है, जो इस तरह के आवंटन को नियंत्रित करने वाले नियमों के खिलाफ है।

इसके अलावा, लोढ़ा का आरोप है कि पायलट विधानसभा (राज्य विधानसभा) के सदस्य के रूप में अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे को हल करने में विफल रहे। यह दावा पायलट की भ्रष्टाचार का मुकाबला करने की प्रतिबद्धता और एक विधायक के रूप में उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है।

लोढ़ा विधानसभा में मुख्य प्रवेश द्वार के माध्यम से सुरक्षित प्रवेश के पायलट के प्रयास पर भी प्रकाश डालते हैं, जो संवैधानिक पदों पर आसीन गणमान्य लोगों के लिए आरक्षित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पायलट ने उप मुख्यमंत्री बनते ही सीएम के कार्यालय में कमरे की मांग की।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में सुधार, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और रद्द भर्ती परीक्षा के पेपरों अभ्यर्थियों को मुआवजे की मांग को लेकर जन आंदोलन जन संघर्ष यात्रा का समापन करने वाले पायलट पर ऐसे आरोप लगाकर लोढ़ा ने अपना ध्यान खींचा है।

लोढ़ा के हमले से पहले, गहलोत की टीम के अन्य प्रमुख लोगों, जैसे कि मंत्री महेश जोशी और सुभाष गर्ग, साथ ही विधायक चेतन डूडी ने पायलट के खिलाफ आरोप लगाए थे। ये आरोप राजस्थान के राजनीतिक परिदृश्य के भीतर बढ़ती दरार का संकेत दे रहे हैं, जो दोनों ही धड़ों के बीच सुधार की गुंजाइश को खत्म करते हैं। 

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