ट्रंप का ग्रीनलैंड मिशन: ग्रीनलैंड को खरीदना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप, निवासियों ने कहा हम बिकाऊ नहीं

ग्रीनलैंड को खरीदना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप, निवासियों ने कहा हम बिकाऊ नहीं
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Highlights

  • डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की योजना पर अड़े हैं।
  • ग्रीनलैंड के लोगों ने साफ कहा है कि उनकी जमीन बिकाऊ नहीं है।
  • ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड में मौजूद रेयर अर्थ मिनरल्स के विशाल भंडार पर है।
  • सुरक्षा कारणों से ट्रंप वहां रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना चाहते हैं।

वॉशिंगटन | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की अपनी पुरानी इच्छा को फिर से दोहराया है। ट्रंप ने समय-समय पर इस स्वायत्तशासी द्वीप को खरीदने या उस पर नियंत्रण हासिल करने की बात कही है।

ग्रीनलैंडवासियों ने प्रस्ताव ठुकराया

ग्रीनलैंड के लोगों ने ट्रंप के इस विचार का कड़ा विरोध करते हुए इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। वहां के निवासियों का कहना है कि ग्रीनलैंड की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती है। पत्रकारों से बातचीत में स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि वे बिकाऊ नहीं हैं और उनकी जमीन का सौदा नहीं हो सकता। उन्होंने इसे अपने पूर्वजों की परंपरा और अपनी पहचान का अभिन्न हिस्सा बताया है। द्वीप के कई नागरिक अब ग्रीनलैंड की पूर्ण आजादी का सपना देख रहे हैं। हालांकि वे स्वीकार करते हैं कि वर्तमान में वे इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं लेकिन भविष्य में स्वतंत्र होना चाहते हैं।

रणनीतिक और आर्थिक हित

डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड पर कब्जा करना अनिवार्य हो गया है। उन्हें अंदेशा है कि यदि अमेरिका पीछे रहा तो वहां रूस और चीन अपना प्रभाव बढ़ा लेंगे। ट्रंप के इस मिशन के पीछे सिर्फ सुरक्षा ही एकमात्र कारण नहीं है। ग्रीनलैंड में रेयर अर्थ मिनरल्स का बहुत बड़ा भंडार है जिस पर ट्रंप की लंबे समय से नजर है। विदेशी मामलों के जानकार इसकी तुलना वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण के अमेरिकी प्रयासों से कर रहे हैं। ट्रंप चाहते हैं कि इन दुर्लभ खनिजों पर अमेरिका का पूरा अधिकार हो।

डेनमार्क और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ग्रीनलैंड वर्तमान में डेनमार्क का एक स्वायत्तशासी क्षेत्र है और डेनमार्क सरकार ने भी इसे बेचने से इनकार किया है। इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण बनाती है। ट्रंप के इस रुख से डेनमार्क और अमेरिका के कूटनीतिक संबंधों में भी तनाव आने की संभावना बनी हुई है।

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