भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर: खुलेआम मांगी रिश्वत, कब लेकर आ रहे हो अपना पैसा; प्रोजेक्ट मैनेजर के 3 लॉकर की मिली जानकारी

खुलेआम मांगी रिश्वत, कब लेकर आ रहे हो अपना पैसा; प्रोजेक्ट मैनेजर के 3 लॉकर की मिली जानकारी
खुलेआम मांगी रिश्वत, कब लेकर आ रहे हो अपना पैसा
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आरएसआरजेड़ी के एमडी के लिए ली घुस, रिटायर्ड ऑफिसर गिरफ्तार, घर से मिले 92 लाख और नोट गिनने की मशीन, 2 प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भी एसीबी ने दबोचा

एसीबी को सड़क प्रोजेक्ट बिल पास करवाने और बजट आवंटन को लेकर घूसखोरी के इनपुट मिले तो आरोपियों के मोबाइल सर्विलांस पर लिए गए। सोमवार को दोनों प्रोजेक्टर डायरेक्टर रिश्वत के 1 लाख 20 हजार रुपए लेकर संविदाकर्मी महेश के पास पहुंचे तो टीम ने रेड मारी। 

जयपर | भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 3 जून को राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RSRDC) में रिश्वतखोरी के खेल का खुलासा किया था। ब्यूरो ने आरएसआरडीसी के एमडी सुधीर माथुर (sudhir mathur) और चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर आरके लूथरा (rk loothra) को रिश्वतखोरी के खेल में संदिग्ध भूमिका के चलते जांच के दायरे में लिया है।

ACB ने देर रात तक एमडी सुधीर माथुर और चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर आरके लूथरा के आवास सहित अन्य ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। दोनों ही जगह सर्च में टीम को कोई खास संपत्ति नहीं मिली। 

वहीं एसीबी टीम ने गिरफ्तार दोनों प्रोजेक्ट डायरेक्टर सियाराम, लक्ष्मण सिंह और सेवानिवृत्त लेखाधिकारी महेश चंद गुप्ता को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने तीनों को 6 जून तक रिमांड पर सौंप दिया।

एसीबी ने कहना है कि जब आरोपी AAO आरोपी महेश गुप्ता का फोन सर्विलांस पर लिया और कॉल सूने तो सामने आया कि गुप्ता प्रोजेक्ट डायरेक्टरों से खुलेआम घूस मांगता था। एसीबी रिमांड लेकर तीन घूसखोरों से पूछताछ कर रही है।

एसीबी के डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा (ravi prakash mehrada) ने बताया कि चीफ प्रोजेक्टर मैनेजर आरोपी आरके लूथरा ने अपना आलीशान बंगला बना रखा है। 

एसीबी टीम जब सर्च के लिए गई तो लूथरा के परिजन और महिलाओं के नाम तीन बैंक लॉकर होने की जानकारी सामने आई। एसीबी टीम ने मंगलवार को परिजन महिलाओं को बैंक लॉकर खोलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने तबीयत सही नहीं होने की बात कहकर बैंक जाने से मना कर दिया। 

इसके बाद संबंधित बैंक प्रशासन को पाबंद कर फ्रीज करवाया है और कहा कि वे Acb टीम को बिना बताए लॉकरों को नहीं खोलें। बैंक खाते और लॉकर से नामी-बेनामी संपत्ति सहित काली कमाई का खुलासा हो सकता है।

फोन पर बोलता था- कब ला रहे हो धन

एसीबी ने आरएसआरडीसी घूसकांड के मुख्य सरगना आरोपी सेवानिवृत्त सहायक लेखाधिकारी और संविदाकर्मी महेश चंद गुप्ता का फोन सर्विलांस पर लिया था। 

आरोपी प्रोजेक्ट डायरेक्टरों को बेखौफ होकर सीधे फोन पर कहता था कि धन कब लेकर आ रहे हो। एसीबी की जांच में जिन भी प्रोजेक्ट डायरेक्टरों की भूमिका संदिग्ध आई है, उन सबकी जांच शुरू होगी। 

आरोपियों से 6 जून तक रिमांड के दौरान अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ होगी। इसमें मिले इनपुट के आधार पर अन्य लोगों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पूछताछ के दौरान रिश्वतखोरी के तार जुड़ने पर गिरफ्तारियों का आंकड़ा बढ़ना तय माना जा रहा है।

ये था मामला

एसीबी ने रात झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित आरएसआरडीसी दफ्तर में दबिश देकर घूसखोरी के खेल में लिप्त धौलपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सियाराम चंद्रावत, भरतपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर लक्ष्मण सिंह सहित महकमे और पीड़ितों के बीच दलाल की भूमिका निभाने वाले संविदाकर्मी रिटायर्ड लेखाधिकारी महेश चंद गुप्ता को गिरफ्तार किया। 

ब्यूरो ने इनके बीच 1 लाख 20 हजार रुपए की रिश्वत का खुलासा किया, जबकि तलाशी के समय इनके पास 1 लाख 11 हजार रुपए के संदिग्ध राशि बरामद हुई।

ब्यूरो ने रिटायर्ड लेखाधिकारी महेश चंद गुप्ता (mahesh chand gupta) के जगतपुरा स्थित घर से 92 लाख रुपए नकद, नोट गिनने की मशीन, ज्वेलरी और बेनामी संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए। धौलपुर प्रोजेक्ट डायरेक्टर सियाराम चंद्रावत (siyaram chandravat) के घर से एसीबी ने 32 लाख रुपए और जमीनों की दस्तावेज जब्त किए। 

घूस का खेल जिलों में अलग-अलग निर्माण कार्य परियोजना निदेशकों और ठेकेदारों की मिलीभगत से बजट आवंटन और बिल भुगतान करने के एवज में RSRDC के मुख्य प्रबंधक सुधीर माथुर के नाम से चल रहा था।

मोबाइल सर्विलांस से पकड़े गए

एसीबी को सड़क प्रोजेक्ट बिल पास करवाने और बजट आवंटन को लेकर घूसखोरी के इनपुट मिले तो आरोपियों के मोबाइल सर्विलांस पर लिए गए। सोमवार को दोनों प्रोजेक्टर डायरेक्टर रिश्वत के 1 लाख 20 हजार रुपए लेकर संविदाकर्मी महेश के पास पहुंचे तो टीम ने रेड मारी। 

एसीबी ने रिटायर्ड लेखाधिकारी और प्रोजेक्ट डायरेक्टर धौलपुर के घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर भरतपुर लक्ष्मण सिंह के घर हुए सर्च में कुछ खास नहीं मिला, जबकि कुछ संदिग्ध फाइलों को जब्त किया है। 

मामले में बड़ी बात यह रही कि रिटायर्ड अधिकारी महेश गुप्ता को संविदा पर सलाहकार बनाकर रिश्वत का पूरा खेल खेला जा रहा था।

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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (RSRDC) के ऑफिस में कार्रवाई की। यहां एसीबी टीम ने 2 प्रोजेक्ट डायरेक्टर और एक रिटायर्ड असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर (AAO) को 1.20 लाख रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट किया है।

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