प्रयागराज | कभी उत्तर प्रदेश के सबसे खूंखार गैंगस्टर माने जाने वाले अतीक अहमद के दिन अब ऐसे फिरे की उसे अब कैदियों की वर्दी पहन कर कैदियों के साथ काम करना पड़ेगा। जिसके लिए उसे दिहाड़ी भी दी जाएगी।
बिल्ला नंबर 17052 : कैदियों की वर्दी में काम करता नजर आएगा अतीक अहमद, दिहाड़ी मिलेगी 25 रूपए
अपराध के बल पर दूसरों का खाना हराम करने वाला अतीक अब खुद खाने के लिए मोहताज रहेगा। उसे दूसरे सजायाफ्ता कैदियों के बीच लाइन में खड़े होकर खाना लेना होगा। जिसमें उसे 500 ग्राम रोटी व अन्य सामान मिलेंगे।
HIGHLIGHTS
- अपराध के बल पर दूसरों का खाना हराम करने वाला अतीक अब खुद खाने के लिए मोहताज रहेगा। उसे दूसरे सजायाफ्ता कैदियों के बीच लाइन में खड़े होकर खाना लेना होगा। जिसमें उसे 500 ग्राम रोटी व अन्य सामान मिलेंगे।
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यूपी में एक समय जहां अतीक अहमद का इतना खौफ था कि, कोई उसके खिलाफ बोलने तक को तैयार नहीं होता था वहीं, अब लोग उसे जूतों की माला पहनाने के लिए उतारू हो गए है। दूसरों को डराने वाला अतीक खुद योगी सरकार में डरा और सहमा हुआ है।
बिल्ला नंबर से होगी अतीक पहचान
जिस तरह से जेल में दूसरे कैदियों को बिल्ला दिया जाता है और उनकी पहचान भी बिल्ला नंबर बन जाती है उसी तहर से अतीक अहमद को भी साबरमती जेल में बिल्ला नंबर अलॉट किया गया है। अतीक को अब नाम के बजाय बिल्ला नंबर से पुकारा जाएगा।
यूपी के उमेश पाल अपहरण केस में प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा मिलने के बाद अतीक अहमद अब माफिया से कैदी नंबर 17052 बन गया है।
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कैदियों की वर्दी पहनेगा डॉन
सिर पर कपड़ा डाले मूछों पर ताव देने वाला डॉन अतीक अहमद अब जेल में कैदियों वाली वर्दी पहनेंगा। उसे दो जोड़ी सफेद कुर्ता-पायजामा, टोपी और गमछा दिया गया है। जेल में उसे यही वर्दी पहननी होगी।
जेल मैनुअल के मुताबिक अतीक अहमद को अब काम भी करना होगा. उसे जेल में रोजाना काम करना होगा, जिसके एवज में उसे रोजाना 25 रूपये मिलेंगे.
जेल में खुला पैसा जमा करने के लिए अकाउंट
ऐसा नहीं है कि, माफिया अतीक अहमद बाहर रहकर ही पैसे कमाता था और बैक अकाउंट भरता था। जेल में भी अतीक अहमद का अकाउंट खोला गया है। जिसमें वह अपनी दिहाड़ी को जमा कर सकेगा।
लोगों को डराने में लगा बिजी काम कुछ आता नहीं
अतीक अहमद की जिंदगी लोगों को डराने और अपराध करने में गुजर गई। जिसके चलते उसे कामकाज तो कुछ आता नहीं ऐसे में उसे अकुशल कारीगर की कैटेगरी में रखा गया है। अब अतीक को खेती-किसानी, माली, बढ़ई, साफ-सफाई, पशुपालन जैसे काम जेल में करने होंगे। ऐसे में इनमें से उसे किसी एक को चुनना होगा। इस काम के लिए उसे 25 रुपये मेहनताना हर रोज की दिहाड़ी के तौर पर मिलेगा। जब वह कुशल कामगार बन जाएगा तो उसका वेतन 40 रुपये हो जाएगा।
लाइन में लगकर लेना होगा खाना
अपराध के बल पर दूसरों का खाना हराम करने वाला अतीक अब खुद खाने के लिए मोहताज रहेगा। उसे दूसरे सजायाफ्ता कैदियों के बीच लाइन में खड़े होकर खाना लेना होगा। जिसमें उसे 500 ग्राम रोटी व अन्य सामान मिलेंगे।
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