शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम: भारत की प्रगति की रेल दौड़ रही अभूतपूर्व गति से

भारत की प्रगति की रेल दौड़ रही अभूतपूर्व गति से
मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा
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मोदी ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन देश की विरासत और विकास के प्रतीक हैं। प्रत्येक स्टेशन स्थानीय शहर की विशेषता को दर्शाता है। उदाहरण के लिए सिक्किम के रंगपुर स्टेशन पर स्थानीय वास्तुकला का प्रभाव है

जयपुर । प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अमृत काल में भारत की प्रगति की रेल तीव्र गति से दौड़ रही है। नया भारत अभूतपूर्व गति एवं कौशल से कार्य कर रहा है। आज हम बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा करने में दिन-रात जुटकर कार्य भी कर रहे हैं।

भारत आज विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।  मोदी ने कहा कि देश के युवा विकसित भारत के सूत्रधार बन रहे हैं। विकसित भारत के सपने को साकार करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

 मोदी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्तर्गत देश भर में लगभग 41 हजार करोड़ रूपए की लागत से 553 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य के शिलान्यास और 1500 रोड ओवरब्रिज एवं अंडरपास के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

साथ ही, उन्होंने उत्तरप्रदेश के विश्वस्तरीय गोमती नगर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन भी किया। इनमें प्रदेश के 21 रेलवे स्टेशन एवं 112 रोड ओवरब्रिज एवं अंडरपास शामिल हैं। देश भर के 2 हजार 21 स्थानों पर यह कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें 40 लाख से अधिक लोग जुड़े। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने सांगानेर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की और प्रधानमंत्री का इन सौगातों के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है जिसका साक्षात् उदाहरण भारतीय रेलवे है। एक दशक पहले रेलवे का औसत वार्षिक बजट 45 हजार करोड़ रूपए था जो अब बढ़कर ढाई लाख करोड़ रूपए से अधिक हो गया है।

उन्होंने कहा कि दस साल पहले वंदे भारत जैसी सेमी हाईस्पीड और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों की कल्पना भी मुश्किल थी मगर आज गरीब और मध्यम वर्ग के लोग एयरपोर्ट पर उपलब्ध वर्ल्ड क्लास सुविधाएं रेलवे स्टेशन पर पा रहे हैं। 

 मोदी ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन देश की विरासत और विकास के प्रतीक हैं। प्रत्येक स्टेशन स्थानीय शहर की विशेषता को दर्शाता है। उदाहरण के लिए सिक्किम के रंगपुर स्टेशन पर स्थानीय वास्तुकला का प्रभाव है

तो सांगानेर के स्टेशन पर सोलहवीं शताब्दी की हैण्ड ब्लॉक प्रिंटिंग की छाप नजर आती है। उन्होेंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य सघन रूप से किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के समुचित अवसर मिल रहे हैं। 

मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में रेलवे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिकीकरण के साथ-साथ रेलवे में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही है

जिससे आमजन को राहत मिल रही है।  शर्मा ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत स्टेशन की चर्चा विश्वभर में हो रही है। भारतीय रेलवे ने नई रेलवे लाइनों के निर्माण, हाई स्पीड ट्रेनें, स्वच्छता एवं डिजिटलाइजेशन के लिए किए गए नवाचारों से नया मुकाम हासिल किया है। 

उन्होंने कहा कि सांगानेर को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनाने के लिए 192 करोड़ रूपए की लागत से पुनर्विकास की योजना बनाई गई है। इसके अन्तर्गत सांगानेर स्टेशन पर रेलवे लाइन की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 की जाएगी। साथ ही, स्टेशन पर टिकट, पार्सल ऑफिस, रिटायरिंग रूम, कॉनकॉर्स एरिया, मुख्य प्रवेश बिल्डिंग का उन्नयन, सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज मय लिफ्ट, प्लेटफॉर्म और शेड आदि के विकास कार्य भी प्रस्तावित है।

इन सभी सुविधाओं से सांगानेर स्टेशन पर यात्रियों की आवक में वृद्धि होगी तथा आस-पास के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर लम्बे रूट की गाड़ियों की कनेक्टिविटी में भी वृद्धि होगी और यात्री लम्बी दूरी की यात्रा सुगमता से कर पाएंगे। 

  केन्द्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रोनिक्स मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले एक दशक में 30 हजार किलोमीटर से अधिक रेलवे लाइनों का निर्माण एवं दोहरीकरण हुआ है।  उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रतिदिन लगभग 4 किलोमीटर रेलवे लाइन का निर्माण होता था, वहीं अब 15 किलोमीटर प्रतिदिन रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। उन्होंने कहा कि गत 10 वर्षों में 40 हजार किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया है। 

सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनेंगे 21 रेलवे स्टेशन
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के 21 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इसमें अजमेर जंक्शन, पाली मारवाड़, सांगानेर, ब्यावर, फतेहनगर, जवाई बांध, रानी, सोमेसर, गोगामेड़ी, रायसिंह नगर, दौसा, फतेहपुर शेखावाटी, खैरथल, नीम का थाना, राजगढ़, डीग, धौलपुर, गोविंदगढ़, खेड़ली, बूंदी तथा झालावाड़ सिटी शामिल हैं। ये रेलवे स्टेशन मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के एकीकरण से सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनेंगे।

इनको सिटी सेन्टर के रूप में पुनर्विकसित करते हुए रूफ प्लाजा शॉपिंग जोन, फूड कोर्ट एवं बच्चों के खेलने के लिए क्षेत्र आदि की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त इनमें प्रवेश एवं निकास द्वार, बहु-स्तरीय पार्किंग, लिफ्ट, एस्केलेटर, लाउंज, प्रतीक्षालय, ट्रैवलेटर, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

साथ ही, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में यातायात को सुगम बनाने की दृष्टि से 112 रोड ओवर ब्रिज, अंडरपास का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया गया। इससे स्थानीय निवासियों का आवागमन सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगा। 

सांगानेर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, सांसद  सीपी जोशी,  रामचरण बोहरा, जयपुर ग्रेटर मेयर श्रीमती सौम्या गुर्जर, विधायक श्री गोपाल शर्मा एवं श्री कुलदीप धनखड़ सहित जनप्रतिनिधि तथा रेलवे के उच्चाधिकारीगण उपस्थित रहे। 

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