चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड: अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दिए पुख्ता तैयारियों के निर्देश, लू एवं गर्मी जनित बीमारियों से बचाव के लिए हर जिले का बनेगा एक्शन प्लान

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दिए पुख्ता तैयारियों के निर्देश, लू एवं गर्मी जनित बीमारियों से बचाव के लिए हर जिले का बनेगा एक्शन प्लान
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती शुभ्रा सिंह ने इस संबंध में शुक्रवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक
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श्रीमती सिंह ने कहा कि भारत सरकार की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार राजस्थान को गर्मी एवं लू से सर्वाधिक प्रभावित प्रदेशों के श्रेणी में माना गया है। प्रदेश में अप्रेल से जून माह के बीच गर्मी एवं हीटवेव का अत्यधिक प्रकोप रहने की संभावना व्यक्त की गई है

जयपुर | भारत सरकार की ओर से इस वर्ष गर्मी एवं लू का प्रभाव अत्यधिक रहने का अलर्ट जारी होने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में आमजन को गर्मी एवं लू जनित बीमारियों से बचाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती शुभ्रा सिंह ने इस संबंध में शुक्रवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में चिकित्सा विभाग को अलर्ट मोड पर रहने एवं सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्रीमती सिंह ने कहा कि भारत सरकार की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार राजस्थान को गर्मी एवं लू से सर्वाधिक प्रभावित प्रदेशों के श्रेणी में माना गया है। प्रदेश में अप्रेल से जून माह के बीच गर्मी एवं हीटवेव का अत्यधिक प्रकोप रहने की संभावना व्यक्त की गई है। इसको ध्यान में रखते हुए आमजन को हीटवेव संबंधी बीमारियों से बचाने एवं उपचार के लिए सभी पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

रेपिड रेस्पॉन्स टीमों का गठन करें, उपचार के लिए बनाएं प्रभावी प्रोटोकॉल

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर जिले का हीट एक्शन प्लान बनाया जाए। साथ ही, रेपिड रेस्पॉन्स टीमों का गठन किया जाए। तेज गर्मी एवं लू के कारण होने वाली बीमारियों की जांच, दवा एवं उपचार का एक प्रभावी प्रोटोकॉल तैयार किया जाए। साथ ही, अस्पतालों में जांच, दवा एवं उपचार के लिए सभी प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। जिला औषधि भण्डार गृहों एवं अस्पतालों में दवाओं एवं जांच किट्स का पर्याप्त स्टॉक रहे।

 हीटवेव से सर्वाधिक प्रभावित वर्गों को चिन्हित कर करें जागरूक

श्रीमती सिंह ने कहा कि लू एवं गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए आमजन को जागरूक करना आवश्यक है। इसके लिए प्रदेशभर में व्यापक रूप से आईईसी गतिविधियां की जाएं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारियों से ग्रसित रोगियों सहित अन्य ऐसे वर्ग जिन्हें हीटवेव से अत्यधिक खतरा है, उन्हें चिन्हित कर लू एवं गर्मी से बचने तथा जरूरी उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य संबंधित पक्षों को आवश्यक प्रशिक्षण दिए जाने के भी निर्देश दिए।

शनिवार को राज्य स्तरीय वीसी, 18 अप्रेल को स्टेट टास्क फोर्स की बैठक

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि लू एवं गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव एवं उपचार सहित अन्य तैयारियों के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य, अधीक्षक, सभी सीएमएचओ, पीएमओ, बीसीएमएचओ सहित संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। साथ ही, 18 अप्रेल को नेशनल प्रोग्राम फॉर क्लाइमेंट चेंज फॉर ह्यूमन हैल्थ के तहत गठित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक भी आयोजित की जाएगी।

 बैठक में अतिरिक्त निदेशक, अस्पताल प्रशासन डॉ. सुशील कुमार परमार, एनपीसीसीएचएच के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. आर. एन. मीणा, यूनिसेफ के डॉ. अनिल अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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