टोंक में खुदाई में निकला खजाना: टोंक के सीदड़ा गांव में खुदाई के दौरान निकला सोने जैसी धातु से भरा प्राचीन घड़ा, ग्रामीणों ने की लूटपाट की कोशिश

टोंक के सीदड़ा गांव में खुदाई के दौरान निकला सोने जैसी धातु से भरा प्राचीन घड़ा, ग्रामीणों ने की लूटपाट की कोशिश
टोंक में खुदाई में निकला खजाना
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Highlights

  • टोंक के सीदड़ा गांव में चारागाह भूमि पर 10 फीट गहरी खुदाई में मिला प्राचीन धातु का घड़ा।
  • घड़े का वजन लगभग 100 से 150 किलो बताया जा रहा है जिसमें सोने जैसी धातु के टुकड़े मिले।
  • खजाना मिलने की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी और लूटपाट की स्थिति पैदा हुई।
  • प्रशासन ने घड़े को जब्त कर सरकारी खजाने में रखवाया और जांच शुरू कर दी है।

टोंक | राजस्थान के टोंक जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है जहां निवाई थाना क्षेत्र के सीदड़ा गांव में एक सुनसान जमीन की खुदाई के दौरान रहस्यमयी घड़ा मिलने से हड़कंप मच गया। इस घड़े के अंदर सोने जैसी चमकती हुई धातु के टुकड़े भरे होने की अफवाह फैलते ही आसपास के कई गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि वहां मौजूद लोगों के बीच लूटपाट जैसी स्थिति पैदा हो गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया और घड़े को अपने कब्जे में लिया। अधिकारियों का दावा है कि घड़े में कुछ विशेष धातु के टुकड़े हैं जिनकी जांच की जा रही है।

पूजा सामग्री मिलने के बाद शुरू हुई खुदाई

इस पूरे मामले की शुरुआत शनिवार शाम को हुई जब गांव की एक चारागाह भूमि पर कुछ पूजा-अर्चना का सामान पड़ा हुआ मिला। स्थानीय ग्रामीणों को संदेह हुआ कि इस स्थान के नीचे कोई प्राचीन खजाना दबा हो सकता है। यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और लोग वहां जमा होने लगे। सूचना मिलने पर स्थानीय तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को देखते हुए जेसीबी मशीन से खुदाई करवाने का निर्णय लिया गया। खुदाई शुरू होने के कुछ ही समय बाद वहां मौजूद लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं जब जमीन के भीतर से एक विशाल धातु का घड़ा दिखाई दिया।

भारी भरकम घड़े ने सबको चौंकाया

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह घड़ा जमीन के अंदर करीब 10 फीट की गहराई पर दबा हुआ था। जब इसे बाहर निकाला गया तो देखा गया कि यह काफी पुराना और भारी है। घड़े की ऊंचाई लगभग 2 फीट और चौड़ाई डेढ़ फीट के आसपास मापी गई है। इसका कुल वजन 100 से 150 किलो के बीच बताया जा रहा है। घड़े के मुंह से सोने जैसी चमक वाली धातु के टुकड़े झांक रहे थे जिसे देखकर वहां मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के धातु के घड़े अब चलन में नहीं हैं जो इसके प्राचीन होने का संकेत देते हैं।

ग्रामीणों के बीच मची लूटपाट और अफरा तफरी

जैसे ही धातु के घड़े को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया वहां मौजूद ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। दर्जनों लोग एक साथ घड़े पर टूट पड़े और उसके अंदर रखी धातु को मुट्ठी में भर-भरकर भागने की कोशिश करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने लोगों को रोकने का प्रयास किया लेकिन भीड़ के सामने वे कम पड़ गए। कुछ लोग धातु के टुकड़ों को लेकर खेतों की ओर भाग गए। पुलिस ने बाद में सख्ती दिखाते हुए कई लोगों को पकड़ा और उनसे वे टुकड़े वापस लेकर दोबारा घड़े में रखवाए। हालांकि स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस अफरा-तफरी के दौरान खजाने के कुछ बेशकीमती टुकड़े गायब हो गए हैं जिनकी बरामदगी अब एक बड़ी चुनौती है।

प्रशासन ने खजाने को ट्रेजरी में रखवाया

पंचायत समिति सदस्य रामकिशोर मीना ने जानकारी दी कि फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि बिना अनुमति के इस स्थान पर खुदाई की योजना किसने बनाई थी। क्या यह वाकई में किसी गड़े हुए धन का मामला है या इसके पीछे कोई और कहानी है इसकी गहराई से पड़ताल की जा रही है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने उस भारी घड़े को सुरक्षित तरीके से जिला ट्रेजरी ऑफिस में जमा करवा दिया है। पुरातत्व विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है ताकि धातु की शुद्धता और उसके ऐतिहासिक महत्व का सटीक पता लगाया जा सके।

क्या कहता है भारतीय खजाना निधि अधिनियम

भारत में जमीन के नीचे मिलने वाले किसी भी लावारिस खजाने को लेकर सख्त कानून बने हुए हैं। भारतीय खजाना निधि अधिनियम के अनुसार यदि मिट्टी में छिपा हुआ कोई भी सामान जिसका मूल्य 10 रुपये से अधिक है मिलता है तो उसे खजाना माना जाता है। ऐसे किसी भी खजाने की सूचना तुरंत जिला कलेक्टर को देना अनिवार्य होता है। कलेक्टर उस सामग्री को सरकारी कोष में जमा कराता है और उसके असली मालिक या दावेदारों की तलाश के लिए एक सार्वजनिक अधिसूचना जारी करता है। यदि कोई वैध दावेदार नहीं मिलता है तो वह संपत्ति सरकारी घोषित कर दी जाती है। खजाना मिलने पर उसे छिपाना या लूट लेना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है।

इलाके में तनावपूर्ण शांति और सुरक्षा के इंतजाम

सीदड़ा गांव के आसपास के इलाकों में अभी भी इस खजाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जिस स्थान पर खुदाई हुई थी वहां अब पुलिस का पहरा बिठा दिया गया है ताकि कोई दोबारा वहां अवैध खुदाई न कर सके। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन से यह घड़ा निकला है वहां पहले कभी किसी ने खुदाई नहीं की थी और वह इलाका काफी सुनसान रहता है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या उस क्षेत्र में और भी ऐसे घड़े दबे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों को कानून हाथ में न लेने की चेतावनी दी गई है।

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