Highlights
- अजिंक्य रहाणे ने विराट कोहली के मैच से पहले के रूटीन के बारे में कई राज खोले हैं।
- रहाणे के अनुसार बाहरी लोग विराट को घमंडी समझते हैं लेकिन हकीकत में वह ऐसे नहीं हैं।
- मैच से दो दिन पहले विराट कोहली खुद को एक अलग जोन में ले जाते हैं और किसी से बात नहीं करते।
- कोहली की सीखने की भूख और कभी हार न मानने वाला जज्बा उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
नई दिल्ली | भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में विराट कोहली के स्वभाव और उनके मैच से पहले के रूटीन को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रहाणे ने बताया कि मैदान पर आक्रामक दिखने वाले कोहली असल जिंदगी में कैसे हैं और ड्रेसिंग रूम में उनका व्यवहार कैसा रहता है।
विराट कोहली के घमंडी होने की सच्चाई
रहाणे ने कहा कि अक्सर बाहरी लोग विराट कोहली को उनके आक्रामक व्यवहार की वजह से घमंडी समझने की बड़ी गलती कर बैठते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोहली का जुनून और खेल के प्रति उनकी असाधारण गंभीरता को लोग अक्सर गलत समझ लेते हैं।रहाणे के अनुसार कोहली का रवैया हमेशा सीखने वाला रहता है और वह कभी हार नहीं मानते हैं। यही वह जज्बा है जो उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों की सूची में सबसे ऊपर खड़ा करता है और टीम को प्रेरित करता है।
मैच से पहले का सख्त रूटीन
अजिंक्य रहाणे ने बताया कि मैच शुरू होने से दो दिन पहले विराट कोहली पूरी तरह से बदल जाते हैं। वह अपने आप को एक अलग जोन में ले जाते हैं ताकि खेल की रणनीति पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।इस दौरान वह टीम के साथियों से भी बहुत कम बातचीत करते हैं और अक्सर अपने ईयरपॉड्स लगाकर संगीत सुनते रहते हैं। रहाणे ने स्वीकार किया कि कोहली का यह अनोखा व्यवहार शुरुआत में कई नए खिलाड़ियों को हैरान कर देता था।
नेतृत्व और ड्रेसिंग रूम का माहौल
रहाणे और कोहली ने लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम के लिए साथ काम किया है और विदेशी धरती पर टीम को बहुत मजबूत बनाया है। रहाणे ने कोहली के साथ बिताए गए ड्रेसिंग रूम के पलों को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है।उन्होंने कहा कि विराट के बारे में जितनी भी बातें की जाएं वह कम हैं क्योंकि उनका एकमात्र लक्ष्य भारत को जीत दिलाना होता है। रहाणे ने कोहली के अनुशासन और उनकी तैयारी के कठिन तरीके की जमकर सराहना की है।
फोकस और जुनून की मिसाल
विराट कोहली का खुद को लोगों से अलग करने का तरीका उन्हें मैच के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में मदद करता है। रहाणे मानते हैं कि यही वह एकाग्रता है जो उन्हें दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के सामने रन बनाने की ताकत देती है।रहाणे ने यह भी बताया कि कोहली अपनी फिटनेस और डाइट को लेकर जितने सख्त हैं उतने ही वह अपने खेल की बारीकियों पर भी ध्यान देते हैं। वह हर मैच को एक नई चुनौती की तरह लेते हैं और पूरी ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरते हैं।अंत में रहाणे ने यह साफ कर दिया कि कोहली का व्यवहार अहंकार नहीं बल्कि खेल के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है। भारतीय क्रिकेट प्रेमी अब कोहली के इस अनसुने पहलू को जानकर उन्हें और अधिक सम्मान देंगे।
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