सोने के दाम गिरे, चांदी महंगी: इस हफ्ते चांदी में जबरदस्त उछाल और सोने की कीमतों में गिरावट, जानें ताजा भाव और तेजी के कारण

इस हफ्ते चांदी में जबरदस्त उछाल और सोने की कीमतों में गिरावट, जानें ताजा भाव और तेजी के कारण
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Highlights

  • सोने की कीमत 3174 रुपए घटकर 134782 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आई।
  • चांदी की कीमत में 6443 रुपए का उछाल, भाव 2.35 लाख रुपए प्रति किलो पहुंचा।
  • वर्ष 2025 में सोने में 75 प्रतिशत और चांदी में 167 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज।
  • विशेषज्ञों के अनुसार चांदी इस साल 2.75 लाख रुपए के स्तर को छू सकती है।

नई दिल्ली |भारतीय सराफा बाजार में इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में विपरीत दिशा में बदलाव देखने को मिला है। जहां एक ओर सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक मांग के चलते चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। इस हफ्ते सोना 3174 रुपए सस्ता होकर 134782 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले हफ्ते शुक्रवार को सोने का भाव 137956 रुपए के स्तर पर था, जिससे खरीदारों को कुछ राहत मिली है। बाजार में इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़त

चांदी की कीमतों में इस हफ्ते जबरदस्त तेजी देखी गई है। चांदी 228107 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 234550 रुपए पर पहुंच गई है। यानी एक ही हफ्ते में इसकी कीमत में 6443 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। सौर ऊर्जा पैनल, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ते इस्तेमाल के कारण चांदी अब केवल आभूषण तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह एक आवश्यक औद्योगिक कच्चा माल बन गई है। यही वजह है कि औद्योगिक क्षेत्रों से इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

वर्ष 2025 में ऐतिहासिक तेजी

पिछले साल यानी 2025 के दौरान कीमती धातुओं के दाम में भारी उछाल आया था। सोने की कीमत में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी ने निवेशकों को 167 प्रतिशत का भारी रिटर्न दिया। 31 दिसंबर 2024 को चांदी की कीमत 86017 रुपए थी, जो साल 2025 के अंत तक 230420 रुपए प्रति किलो हो गई। इसी तरह सोना भी 76162 रुपए से बढ़कर 1.33 लाख रुपए के पार निकल गया। इस बढ़त ने सोने और चांदी को सबसे बेहतरीन निवेश विकल्पों में खड़ा कर दिया है।

सोने और चांदी में तेजी के प्रमुख कारण

सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कमजोर डॉलर और वैश्विक तनाव प्रमुख कारण रहे हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और दुनिया के अन्य हिस्सों में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंक लगातार सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। वहीं चांदी में तेजी की मुख्य वजह सोलर सेक्टर से आने वाली भारी मांग और अमेरिकी कंपनियों द्वारा स्टॉक जमा करना है। ट्रंप के टैरिफ की आशंका ने भी कीमतों को हवा दी है।

भविष्य का बाजार अनुमान

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार आने वाले दिनों में कीमतों में और इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की मांग में अभी और तेजी आने की संभावना है, जिससे यह इस साल के अंत तक 2.75 लाख रुपए तक जा सकती है। वहीं सोने की मांग में भी मजबूती बनी हुई है और यह अनुमान है कि साल के आखिर तक सोना 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की स्थिति पर नजर रखें।

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