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मंत्री मदन दिलावर का औचक निरीक्षण, पिपराली में गंदगी देख फूटा गुस्सा, बीडीओ को लगाई कड़ी फटकार, स्वच्छता बजट की रिकवरी के निर्देश, ग्रामीणों ने सुनाई व्यथा।
सीकर | राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर अपने कड़े तेवरों और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं।
शनिवार को सीकर जिले के पिपराली गांव में उनका यही रौद्र रूप देखने को मिला। मंत्री मदन दिलावर जयपुर से नवलगढ़ होते हुए झुंझुनूं के आधिकारिक दौरे पर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उन्होंने अचानक सीकर जिले के पिपराली ब्लॉक में रुकने का निर्णय लिया। यह औचक निरीक्षण क्षेत्र की सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए किया गया था, लेकिन वहां की स्थिति देखकर मंत्री का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गांव की गलियों में फैली गंदगी, नालियों के जाम होने और कचरे के ढेरों ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी।
अधिकारियों की लापरवाही पर भड़के मंत्री
निरीक्षण के दौरान जब मंत्री दिलावर पिपराली पंचायत समिति मुख्यालय पहुंचे, तो वहां चारों तरफ कचरा और पॉलिथीन बिखरी हुई मिली। इस अव्यवस्था को देखकर उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद कार्यवाहक खंड विकास अधिकारी (BDO) जरनैल सिंह को तलब किया। मंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत की, जिसमें स्थानीय निवासियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि गांव में न तो सफाईकर्मी नियमित रूप से झाड़ू लगाते हैं और न ही कचरा संग्रहण के लिए कोई गाड़ी आती है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अपने स्तर पर ही साफ-सफाई की व्यवस्था करनी पड़ती है। इस पर मंत्री ने बेहद तल्ख लहजे में बीडीओ से पूछा कि क्या ग्रामीण पागल हैं जो रोज सफाई के लिए हल्ला करते हैं? उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जनता की शिकायतों को अनसुना करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वच्छता बजट और भ्रष्टाचार का मुद्दा
मंत्री मदन दिलावर ने इस दौरान वित्तीय अनियमितताओं की ओर भी इशारा किया। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि जब पिपराली ग्राम पंचायत में स्वच्छता कार्यों के लिए हर महीने लगभग 2 लाख रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है, तो फिर धरातल पर सफाई क्यों नजर नहीं आ रही है? उन्होंने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग और गंभीर लापरवाही करार दिया। मंत्री ने सीकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजपाल सिंह यादव को निर्देश दिए कि पिछले समय में स्वच्छता के नाम पर खर्च की गई राशि की विस्तृत जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया कि यदि कार्यों में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से उस राशि की रिकवरी की जाए।
सिंहासन और दादिया पंचायत में भी नाराजगी
पिपराली के बाद मंत्री दिलावर का काफिला सिंहासन ग्राम पंचायत पहुंचा। वहां भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी। ग्रामीणों ने मंत्री को बताया कि वर्षों से सड़कों पर कीचड़ और गंदगी जमा है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है। मंत्री ने मौके पर ही ग्राम विकास अधिकारी को पाबंद किया और प्रशासक को निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से सफाई अभियान चलाकर समस्या का समाधान किया जाए। उन्होंने दादिया ग्राम पंचायत में भी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और वहां की शिकायतों पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की।
प्रशासनिक जवाबदेही और सख्त चेतावनी
मंत्री ने जिला परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे ब्लॉक में नियमित निगरानी तंत्र विकसित किया जाए ताकि सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को पलीता लगाने वाले किसी भी कार्मिक को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री के इस औचक निरीक्षण से पूरे सीकर जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। दिलावर ने साफ किया कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीणों ने मंत्री के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने जमीनी स्तर पर जाकर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों की जवाबदेही तय की।
निष्कर्ष
मदन दिलावर के इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान सरकार अब स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को लेकर गंभीर है। सफाई जैसे बुनियादी मुद्दे पर मंत्री की यह सख्ती अन्य जिलों के अधिकारियों के लिए भी एक चेतावनी है। अब देखना यह होगा कि मंत्री के निर्देशों के बाद पिपराली और आसपास की पंचायतों की सूरत कितनी बदलती है और दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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