Highlights
- पाली में दामाद के हमले में घायल ससुर की 9 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हुई।
- आरोपी राकेश जोशी ने तलवार से ससुर के सिर पर जानलेवा वार किया था।
- पत्नी के पीहर में रहने और विवाद के कारण आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया।
- पुलिस ने आरोपी दामाद को घटना के अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था।
पाली | राजस्थान के पाली जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना में अब मौत का मातम पसर गया है। पाली के रामदेव रोड स्थित महात्मा गांधी कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार पर उनके ही दामाद ने तलवार से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए ससुर जगदीश जोशी ने नौ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद शनिवार देर रात दम तोड़ दिया। उन्होंने जोधपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक जगदीश जोशी की उम्र 58 वर्ष थी। 26 दिसंबर को हुए इस हमले के बाद उन्हें तुरंत पाली के बांगड़ अस्पताल ले जाया गया था। वहां के डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया था। जोधपुर में उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनके सिर पर तलवार का घाव इतना गहरा था कि काफी कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। रविवार को जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
सुनियोजित तरीके से किया गया हमला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी राकेश जोशी, जो मेड़ता सिटी के पास रेण का निवासी है, पूरी तैयारी के साथ आया था। वह अपनी जैकेट के अंदर एक धारदार तलवार छिपाकर लाया था ताकि किसी को शक न हो। जैसे ही वह अपने ससुराल पहुंचा, उसने आव देखा न ताव और सीधे अपनी पत्नी आशा पर हमला कर दिया। आशा ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह घर के अन्य सदस्यों पर भी काल बनकर टूट पड़ा।
सास और ससुर पर भी किया वार
जब आरोपी राकेश अपनी पत्नी पर हमला कर रहा था, तब उसकी सास दुर्गा देवी उसे बचाने के लिए आगे आईं। आरोपी ने उन पर भी तलवार से कई वार किए, जिससे वे घायल हो गईं। अपनी पत्नी और बेटी को संकट में देख जगदीश जोशी ने दामाद को पकड़ने और रोकने की कोशिश की। इसी दौरान राकेश ने तलवार से उनके सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण जगदीश जोशी वहीं अचेत होकर गिर पड़े। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हुए तो आरोपी वहां से फरार हो गया।
पारिवारिक कलह और मुकदमेबाजी
बताया जा रहा है कि जगदीश जोशी ने करीब आठ साल पहले अपनी बेटी आशा की शादी बड़े ही अरमानों के साथ राकेश जोशी से की थी। राकेश जोधपुर में बिजली मिस्त्री का काम करता था। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आशा का आरोप था कि राकेश उसके साथ मारपीट करता है और घर के खर्च के लिए पैसे नहीं देता। इसी कलह के कारण आशा पिछले चार महीनों से अपने बच्चों के साथ अपने पिता के घर पाली में रह रही थी। उसने पति के खिलाफ पुलिस में मामला भी दर्ज कराया था, जिससे राकेश बेहद नाराज था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राकेश जोशी मौके से भाग निकला था। पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की और उसकी तलाश शुरू की। अगले ही दिन जब पुलिस को सूचना मिली कि वह वापस पाली की तरफ आ रहा है, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पाली पुलिस के अनुसार, आरोपी फिलहाल जेल में है। ससुर की मौत के बाद अब पुलिस इस मामले में हत्या की धारा 302 जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में मजबूत चार्जशीट पेश करेंगे ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।
समाज में गहरा दुख और रोष
जगदीश जोशी एक मिलनसार व्यक्ति थे और उनकी इस तरह से हुई मौत ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। जोधपुर और पाली के समाज के लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। रविवार को उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। परिजनों ने मांग की है कि आरोपी को ऐसी सजा मिले जो समाज के लिए एक नजीर बने, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके। पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
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