छात्र चुनाव नहीं तो शिक्षक चुनाव भी नहीं: शुभम रेवाड़: राजस्थान विश्वविद्यालय: छात्र संघ चुनाव पर रोक, तो शिक्षक संघ का क्यों? शुभम रेवाड़ ने दी आंदोलन की चेतावनी

राजस्थान विश्वविद्यालय: छात्र संघ चुनाव पर रोक, तो शिक्षक संघ का क्यों? शुभम रेवाड़ ने दी आंदोलन की चेतावनी
शुभम रेवाड़
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शुभम रेवाड़ ने शिक्षक संघ चुनावों का किया विरोध, छात्र संघ चुनाव की मांग पर अड़े छात्र नेता, प्रशासन और सरकार को दी बड़ी चेतावनी

जयपुर | राजस्थान विश्वविद्यालय में एक बार फिर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं, लेकिन इस बार मामला छात्र संघ बनाम शिक्षक संघ का है। छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन और राजस्थान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शिक्षक संघ चुनावों का कड़ा विरोध किया है। शुभम रेवाड़ का तर्क सीधा और स्पष्ट है कि जब राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने का मौका नहीं दे रहा है और छात्र संघ चुनावों पर रोक लगा रखी है, तो फिर शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ के चुनाव क्यों करवाए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि यह दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छात्र नेता ने तीखे लहजे में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ चुनाव करवाता है, तो मैं और मेरे साथी विश्वविद्यालय में इसका पुरजोर विरोध करेंगे। मैं प्रशासन और सरकार को चेताना चाहता हूं कि छात्रों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ न करें।' शुभम रेवाड़ ने आगे कहा कि यदि छात्रों को अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित रखा जा रहा है, तो शिक्षक और कर्मचारी संघों को भी चुनाव लड़ने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

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छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया सभी के लिए समान होनी चाहिए। शुभम रेवाड़ ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनकी मांगों को अनसुना किया गया और केवल शिक्षकों के चुनाव करवाए गए, तो विश्वविद्यालय में एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। फिलहाल इस विरोध के बाद विश्वविद्यालय परिसर में माहौल गरमाया हुआ है और छात्र नेता अब अपनी अगली रणनीति बनाने में जुट गए हैं। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए यह स्थिति गले की फांस बन सकती है, क्योंकि छात्र अब समानता और अपने हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरने को तैयार हैं।

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