Highlights
- एसओजी ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के मामले में सुनील कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है।
- आरोपी सुनील कुमार विश्नोई वर्तमान में सिरोही जिले में निलंबित द्वितीय श्रेणी अध्यापक है।
- आरोपी ने डालूराम मीणा की जगह हरसनराम देवासी को डमी अभ्यर्थी बनाकर परीक्षा दिलाई थी।
- सुनील कुमार विश्नोई पहले भी शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा में गिरफ्तार हो चुका है।
जयपुर | राजस्थान में उपनिरीक्षक पुलिस संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप ने बड़ी कार्रवाई की है। एसओजी की टीम ने इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी सुनील कुमार विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है।
साजिश का हुआ बड़ा खुलासा
एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि चयनित अभ्यर्थी डालूराम मीणा के स्थान पर हरसनराम देवासी को डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा में बैठाया गया था। आरोपियों ने एक सोची समझी साजिश के तहत परीक्षा उत्तीर्ण करवा कर अभ्यर्थी का चयन सुनिश्चित करवाया था।
निलंबित शिक्षक है गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किया गया आरोपी सुनील कुमार विश्नोई वर्तमान में एक निलंबित द्वितीय श्रेणी हिंदी अध्यापक है। वह सिरोही जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में पदस्थ रहा है और उसके खिलाफ जयपुर एसओजी थाने में मामला दर्ज किया गया था।
पुराने भर्ती घोटालों में संलिप्तता
एसओजी की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि सुनील कुमार विश्नोई पहले भी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी कर चुका है। वह शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 से जुड़े मामले में भी पहले पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
सहयोगियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस पूरे प्रकरण में एसओजी की टीम पहले ही मुख्य अभ्यर्थी डालूराम मीणा और डमी अभ्यर्थी हरसनराम देवासी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनके साथ ही धोखाधड़ी में मदद करने वाले एक अन्य सहयोगी आरोपी उम्मेद सिंह को भी पुलिस ने पहले ही पकड़ लिया था।
सांचौर से हुई आरोपी की गिरफ्तारी
अनुसंधान के दौरान सामने आए पुख्ता सबूतों के आधार पर एसओजी ने सांचौर निवासी सुनील कुमार विश्नोई को सांचौर तहसील के सांकड गांव से पकड़ा है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम काफी समय से संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
कोर्ट में पेशी और पुलिस रिमांड
पुलिस ने सुनील कुमार विश्नोई को गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय अदालत में पेश किया है। अदालत ने आरोपी को पुलिस कस्टडी में भेज दिया है जहां उससे भर्ती गिरोह के अन्य नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।
नेटवर्क को खंगाल रही एसओजी
एसओजी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार राज्य के कई अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस बड़े परीक्षा घोटाले से जुड़े कुछ और प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारी होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
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