हर कोई रह गया दंग: नामांकन भरने से पहले BJP प्रत्याशी ने छुए निर्दलीय प्रत्याशी कैलाश मेघवाल के पैर

नामांकन भरने से पहले BJP प्रत्याशी ने छुए निर्दलीय प्रत्याशी कैलाश मेघवाल के पैर
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शाहपुरा सीट से भाजपा के प्रत्याशी लालाराम बैरवा (Lalaram Bairwa) जब अपना नामांकन दाखिल करने गए तो उन्होंने पार्टी से निष्कासित किए गए पूर्व विधायक कैलाश मेघवाल (Kailash Meghwal) के पैर छूकर जीत का आशीर्वाद लिया। 

शाहपुरा | Rajasthan Election 2023: देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का मंगलवार से आगाज हो चुका है। 

वहीं, राजस्थान में 25 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। जिसके लिए बीते दिन नामांकन का आखिरी दिन रहा। 

इसी बीच शाहपुरा विधानसभा सीट से गजब का नजारा भी सामने आया। 

शाहपुरा सीट से भाजपा के प्रत्याशी लालाराम बैरवा (Lalaram Bairwa) जब अपना नामांकन दाखिल करने गए तो उन्होंने पार्टी से निष्कासित किए गए पूर्व विधायक कैलाश मेघवाल (Kailash Meghwal) के पैर छूकर जीत का आशीर्वाद लिया। 

यही नहीं, भाजपा सांसद सुभाष बहेड़िया और जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाडा ने भी मेघवाल के पैर छूए। 

इस नजारें को देखकर वहां मौजूद हर कोई हैरान रह गया। 

शिक्षक हैं लालाराम बैरवा 

शाहपुरा सीट से भाजपा के प्रत्याशी बने लालाराम बैरवा शिक्षक हैं और उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्त होकर जनसेवा के लिए राजनीति में कदम रखने का फैसला किया है। 

बैरवा की राजनीति में अच्छी पकड़ है और वे RSS की भी पसंद हैं। 

इन्होंने लंबे समय तक संगठन में काम किया है। बैरवा को लोगों के बीच उनके कुशल व्यवहार और मददगार के तौर पर जाना जाता है। 

वहीं, पूर्व विधायक कैलाश मेघवाल भाजपा के दिग्गज नेता रहे हैं, लेकिन उनके पार्टी विरोधी बयानों और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) पर आरोप लगाने के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

जिसके बाद मेघवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ताल ठोक दी है।  

कैलाश मेघवाल शाहपुरा क्षेत्र से साल 1993, 2013 और 2018 में विधायक रह चुके है।

मेघवाल की जनता के बीच जोरदार धाक है और आज भी उनके समर्थकों की संख्या हजारों में हैं। 

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पर लगाए थे गंभीर आरोप

कैलाश मेघवाल ने उस समय राजस्थान से लेकर केंद्र तक की राजनीति को गरमा दिया था जब उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।

मेघवाल ने आरोप लगाते हुए कहा था कि अर्जुन मेघवाल ने कलेक्टर रहते हुए कई घोटालों में करोड़ों रुपये की रिश्वत खाई है। 

ऐसे भ्रष्ट व्यक्ति को देश का कानून मंत्री नहीं बनाया जाना चाहिए। 

मेघवाल के इन आरोपों को लेकर की गई बयानबाजी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उनको नोटिस थमा दिया था। 

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