Highlights
- आईपीएस पंकज चौधरी को कैट से अंतरिम राहत मिली।
- सरकार को बकाया प्रमोशन प्रोविजनली कंसीडर करने के निर्देश।
- पंकज चौधरी के साल 2018, 2021 और 2023 के प्रमोशन बकाया हैं।
- डीपीसी में विचार होने पर वे डीआईजी रैंक पर प्रमोट होंगे।
JAIPUR | राजस्थान के चर्चित आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी के लिए राहत की खबर आई है।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने पंकज चौधरी की पदोन्नति याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
डीपीसी में प्रमोशन पर विचार के निर्देश
कैट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पंकज चौधरी के बकाया प्रमोशन को प्रोविजनली डीपीसी में शामिल किया जाए।
यदि इस साल होने वाली डीपीसी में उन्हें कंसीडर किया जाता है, तो वे डीआईजी रैंक पर प्रमोट हो सकते हैं।
तीन सालों से लंबित हैं प्रमोशन
पंकज चौधरी के वकील अनुपम अग्रवाल के अनुसार, उनके खिलाफ चल रहे प्रकरणों के कारण तीन प्रमोशन बकाया हैं।
इनमें साल 2018 से जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव और 2021 से सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव रैंक के प्रमोशन शामिल हैं।
इसके साथ ही साल 2023 से उनका डीआईजी रैंक का प्रमोशन भी रुका हुआ है।
जांच में देरी बनी प्रमोशन में बाधा
कैट को बताया गया कि सरकार ने जिन मामलों की वजह से प्रमोशन रोका है, उनकी जांच अब तक पूरी नहीं हुई है।
कोर्ट ने पहले भी जांच समयबद्ध तरीके से पूरी करने के आदेश दिए थे, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।
इतिहास में पहली बार हुआ था डिमोशन
राजस्थान के इतिहास में पहली बार किसी आईपीएस अधिकारी का डिमोशन किया गया था।
कार्मिक विभाग ने पंकज चौधरी को लेवल 11 से घटाकर लेवल 10 की वेतन श्रृंखला में भेज दिया था।
हालांकि, बाद में कैट ने इस डिमोशन के आदेश पर भी रोक लगा दी थी।
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