Highlights
- जालोर में युवक की मौत के 45 दिन बाद बरामद हुआ दो पन्नों का सुसाइड नोट।
- प्रेमिका द्वारा जहर की फोटो भेजने के बाद युवक ने आहत होकर उठाया कदम।
- पिता ने एसपी ऑफिस पहुंचकर प्रेमिका के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
- पुलिस ने युवक का मोबाइल जब्त कर हैंडराइटिंग जांच के लिए भेजी।
जालोर | राजस्थान के जालोर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक की आत्महत्या के करीब डेढ़ महीने बाद उसकी अलमारी से एक सुसाइड नोट मिला है। इस सुसाइड नोट के मिलने के बाद पूरे मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। गोदन गांव के निवासी सुरेश कुमार ने नवंबर महीने में अपने ही घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। उस समय पुलिस ने सामान्य मर्ग दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाया था। मृतक के पिता दूदाराम मेघवाल अब इस सुसाइड नोट को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने अपने बेटे की प्रेमिका पर आत्महत्या के लिए उकसाने और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
प्रेम प्रसंग और सामाजिक दबाव
सुरेश कुमार की उम्र महज 21 साल थी और वह अपने भविष्य को लेकर काफी गंभीर था। पिछले करीब आठ से नौ महीनों से उसका आहोर की ही एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी और वे एक-दूसरे के काफी करीब आ चुके थे। जब दोनों के परिवारों को इस रिश्ते के बारे में पता चला तो विवाद की स्थिति पैदा हो गई। रिश्तेदारी होने के कारण दोनों के परिजन इस शादी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। परिजनों ने सुरेश और उस युवती को काफी समझाने की कोशिश की थी। सुरेश की मां ने तो युवती के घर जाकर उसे सुरेश से दूर रहने की हिदायत भी दी थी। इसके बावजूद युवती ने सुरेश को मैसेज भेजना और उससे संपर्क करना बंद नहीं किया था।
धोखे का एहसास और अंतिम संदेश
सुसाइड नोट में सुरेश ने अपने दिल का पूरा दर्द बयां किया है। उसने लिखा है कि उसने उस युवती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था। सुरेश ने अपने पत्र में लिखा कि उसने उसके लिए बहुत सारे सपने देखे थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह अब किसी और से कभी प्यार नहीं कर पाएगा। पत्र में सुरेश ने युवती पर उसे धोखा देने का आरोप लगाया है। उसने लिखा कि युवती ने उसका दिल तोड़ दिया है और अब वह अकेला महसूस कर रहा है। वह अपनी प्रेमिका से इतनी गहराई से जुड़ा था कि उसके बिना जीवन की कल्पना नहीं कर पा रहा था। सुसाइड नोट के शब्द युवक की मानसिक पीड़ा को स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं।

जहर की फोटो ने ली जान
पिता दूदाराम ने पुलिस को बताया कि 29 नवंबर को एक घटना ने सब कुछ बदल दिया। उस दिन युवती ने सुरेश के मोबाइल पर जहर की एक डिब्बी की फोटो भेजी थी। फोटो के साथ युवती ने एक विदाई संदेश भी लिखा था जिसमें उसने खुद को खत्म करने की बात कही थी। इस मैसेज को पढ़कर सुरेश बुरी तरह घबरा गया और उसे लगा कि उसकी प्रेमिका जान दे रही है। इसी घबराहट और दुख में आकर सुरेश ने भी उसी दिन फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पिता का आरोप है कि युवती ने जानबूझकर ऐसा मैसेज भेजा ताकि सुरेश कोई गलत कदम उठा ले। सुरेश को लगा कि अगर उसकी प्रेमिका नहीं रही तो उसका जीना भी बेकार है।

डेढ़ महीने बाद मिला सुसाइड नोट
सुरेश की मौत के बाद उसका परिवार गहरे सदमे में था और किसी को सुसाइड नोट के बारे में पता नहीं था। करीब डेढ़ महीने बीत जाने के बाद जब पिता ने सुरेश की अलमारी की सफाई की तो वहां से दो पन्नों का पत्र मिला। इस पत्र पर 29 नवंबर की तारीख लिखी हुई है जो सुरेश की मौत का दिन है। पिता ने इस पत्र को पढ़ा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इसमें सुरेश ने अपनी मौत की पूरी कहानी और युवती के व्यवहार का जिक्र किया था। इसके तुरंत बाद पिता ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाने का फैसला किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
आहोर थानाधिकारी करण सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस ने मृतक सुरेश का मोबाइल फोन पहले ही जब्त कर लिया है। अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान सुरेश की लिखावट से करवाया जाएगा। पुलिस उन मैसेज की भी तकनीकी जांच कर रही है जो युवती ने सुरेश को भेजे थे। थानाधिकारी ने बताया कि पिता द्वारा दिए गए सुसाइड नोट को जांच में शामिल किया गया है। प्रारंभिक जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस इस मामले में युवती और उसके परिजनों से भी पूछताछ कर सकती है। जालोर पुलिस का कहना है कि वे इस दुखद घटना के हर पहलू को बारीकी से देख रहे हैं।
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