पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मीडियाकर्मियों के बीच जुबानी जंग हो गई। जब गोदी मीडिया की बात गहलोत ने कही तो मीडियाकर्मियों ने पूछ ही लिया कि कौनसा मीडिया संस्थान गोदी मीडिया है।
rajasthan: अशोक गहलोत को मीडियाकर्मियों ने ही लपेट लिया, कहा था गोदी मीडिया तो पूछ लिया कि आप ही बताइए कौनसा है
कई पत्रकारों ने गहलोत के ओएसडी रहे शशिकांत शर्मा पर भी आरोप लगाए। पत्रकारों ने कहा कि आपके ओएसडी का व्यवहार पत्रकारों के प्रति ठीक नहीं था। वो मीडिया को आप से मिलने तक नहीं देते थे। पत्रकारों के इन आरोपों का जवाब गहलोत प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं दे पाए। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बात को संभालने की कोशिश भी की, ले
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- कई पत्रकारों ने गहलोत के ओएसडी रहे शशिकांत शर्मा पर भी आरोप लगाए। पत्रकारों ने कहा कि आपके ओएसडी का व्यवहार पत्रकारों के प्रति ठीक नहीं था। वो मीडिया को आप से मिलने तक नहीं देते थे। पत्रकारों के इन आरोपों का जवाब गहलोत प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं दे पाए। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बात को संभालने की कोशिश भी की, लेकिन वे भी इसमें ज्यादा सफल नहीं हो पाए।
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अशोक गहलोत का बचाव करने की कोशिश गोविंद सिंह डोटासरा ने की, लेकिन वह भी नाकाम ही रहे। यही नहीं राजस्थान की विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली वहां मौन रहे। परन्तु मीडियाकर्मियों ने अशोक गहलोत को खरी—खरी सुना दी कि आपके कार्यकाल में मीडिया को दबाने के लिए पुरजोर काम होता रहा। मीडियाकर्मियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते रहे।
इस प्रेस कान्फ्रेंस ने चुनाव में पैसे की कमी की बात कहते हुए इलेक्टरोल बाण्ड और खाते सीज करने की बात भी कही। परन्तु जब बात मीडियाकर्मियों पर आई तो प्रेस वार्ता में अशोक गहलोत को पत्रकारों ने ही घेर लिया। वैसे तो अशोक गहलोत मीडिया फ्रेंडली माने जाते रहे हैं, लेकिन अपने अंतिम कार्यकाल में वे कंपनियों के भरोसे मास मीडिया से तोड़ बैठे। क्या कुछ हुआ प्रेस वार्ता में पूरा मामला वीडियो में देखिए...।
कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी गहलोत पर पत्रकारों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए इस मामले में खासा प्रभावी बयान दिया।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। कांग्रेस के खाते सीज करने के मामले में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी। इस कॉन्फ्रेंस में गहलोत ने कई बार गोदी मीडिया शब्द का प्रयोग किया। इस पर पत्रकारों ने कड़ा एतराज जताया।
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कुछ पत्रकारों ने कहा कि मीडिया का शोषण तो आपके राज में भी कम नहीं हुआ। नेशनल मीडिया के एक पत्रकार ने कहा कि मुझे तो आपकी सरकार ने जेल भिजवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। आज भी मैं हाईकोर्ट में केस लड़ रहा हूं।
वहीं, कई पत्रकारों ने गहलोत के ओएसडी रहे शशिकांत शर्मा पर भी आरोप लगाए। पत्रकारों ने कहा कि आपके ओएसडी का व्यवहार पत्रकारों के प्रति ठीक नहीं था। वो मीडिया को आप से मिलने तक नहीं देते थे। पत्रकारों के इन आरोपों का जवाब गहलोत प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं दे पाए। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बात को संभालने की कोशिश भी की, लेकिन वे भी इसमें ज्यादा सफल नहीं हो पाए।
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