राजस्थान : मानगढ़ धाम में 9 अगस्त को राहुल गांधी की रैली तक क्या सीएम गहलोत के पांव ठीक हो जाएंगे,

मानगढ़ धाम में 9 अगस्त को राहुल गांधी की रैली तक क्या सीएम गहलोत के पांव ठीक हो जाएंगे,
Rahul Gandhi in Mangarh Dham
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मानगढ़ धाम में सभा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मानगढ़ धाम आदिवासियों की आस्था का केंद्र है और कांग्रेस विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में आदिवासियों को जुटाकर अपनी ताकत दिखाना चाहती है।

सूत्रों का कहना है कि चुनावी साल को देखते हुए गहलोत आदिवासी क्षेत्र के लिए कुछ और घोषणाएं करेंगे। ऐसे में उनका मानगढ़ धाम जाना तो बनता है, लेकिन इससे पहले आने वाले हैल्थ अपडेट पर जनता की नजर जरूर रहेगी।

जयपुर | कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 9 अगस्त को राजस्थान के मानगढ़ धाम आ रहे हैं। इस रैली में अभी तक यह संशय बना हुआ है कि सीएम वर्चुअली जुड़ेंगे या उनके पैरों की चोट ठीक हो जाएगी। राहुल गांधी आदिवासी दिवस (9 अगस्त) पर एक सभा को संबोधित करने के लिए राजस्थान के बांसवाड़ा जाएंगे। उनके आने से ज्यादा चर्चा सीएम गहलोत के उस रैली में शामिल होने को लेकर है।

कांग्रेस बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में इस विशाल बैठक की तैयारी कर रही है और इस आयोजन को आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी द्वारा राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राज्य में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत के रूप में माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 

मानगढ़ धाम में सभा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मानगढ़ धाम आदिवासियों की आस्था का केंद्र है और कांग्रेस विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में आदिवासियों को जुटाकर अपनी ताकत दिखाना चाहती है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का इस दौरे को लेकर कहना है कि ''हम विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर 9 अगस्त को मानगढ़ धाम में एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक के लिए राहुल गांधी को निमंत्रण भेजा गया था. प्रदेश प्रभारी ने कहा है कि उन्होंने इसे मंजूरी दे दी है।"

उनका दावा है कि "पीएम नरेंद्र मोदी अब तक राजस्थान में छह सभाएं कर चुके हैं. मोदी की छह सभाओं में जितने लोग आए थे, उससे कहीं ज्यादा लोग हमारे पास होंगे. उससे भी ज्यादा लोग मानगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस की सभा में आएंगे."

यह देखते हुए कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की वर्षों से मांग हो रही थी, डोटासरा ने कहा: "प्रधानमंत्री ने उस पर एक शब्द भी नहीं कहा। हम चाहेंगे कि हमारी सरकार राहुल गांधी की उपस्थिति में ऐसा उपहार दे, इसलिए कि उनका उत्साह बना रहे। हम इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं कर सकते, लेकिन हम इस दिशा में घोषणा कर सकते हैं जो आदिवासियों के बीच हमेशा एक स्मृति के रूप में बनी रहती है।"

"राहुल गांधी का आदिवासी भाइयों के बीच आना और हम सबका वहां जाना कोई राजनीतिक नहीं बल्कि एक सामाजिक संदेश है कि हम उनके साथ खड़े हैं. आदिवासियों के कल्याण और प्रगति के लिए हम जो भी कर सकते हैं, करेंगे.'' हम उनके सुख-दुख में भागीदार बनेंगे। वास्तव में हम इस तरह संदेश देंगे।"

राहुल गांधी की मौजूदगी में सीएम अशोक गहलोत आदिवासी वोटों को साधने के लिए बड़ा ऐलान कर सकते हैं। परन्तु सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों पैरों में गंभीर चोट के चलते सीएम लम्बे समय से आवास से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। यहां तक कि पीएम मोदी की सरकारी रैली में वर्चुअली सम्बोधन को लेकर सीएमओ—पीएमओ भिड़ गए थे। ऐसे में क्या गहलोत अपने नाजुक स्वास्थ्य के साथ मानगढ़ खुद जाएंगे। यदि गहलोत वहां नहीं गए तो क्या वे वर्चुअली इस आयोजन में जुड़ेंगे। यदि गहलोत वहां नहीं गए तो कांग्रेस का कौन—कौन नेता राहुल के साथ मंच साझा करेगा? यह तमाम सवाल इन दिनों राजस्थान की राजनीतिक फिजाओं को हलकान किए हुए हैं।

सूत्रों का कहना है कि चुनावी साल को देखते हुए गहलोत आदिवासी क्षेत्र के लिए कुछ और घोषणाएं करेंगे। ऐसे में उनका मानगढ़ धाम जाना तो बनता है, लेकिन इससे पहले आने वाले हैल्थ अपडेट पर जनता की नजर जरूर रहेगी।

आपको बता दें कि आदिवासी वोट कांग्रेस का पारंपरिक वोट रहा है, लेकिन पिछले कुछ चुनावों में बीजेपी और स्थानीय पार्टियों ने इसमें सेंध लगाई है. बीटीपी और एक नई पार्टी आरएलपी कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ रही है, कांग्रेस के सामने आदिवासी बहुल बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और उदयपुर में सीटें जीतने की चुनौती है क्योंकि राजस्थान में आम धारणा है कि जो पार्टी ज्यादा सीटें जीतेगी आदिवासी इलाकों में सरकार बनाती है। वहीं आम आदमी पार्टी भी गुजरात के सहारे इन इलाकों में पकड़ बनाने की कोशिश करेगी।

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