जयपुर | राजस्थान के जर्जर स्कूल भवनों की सूरत बदलने के लिए भजनलाल सरकार ने व्यापक योजना तैयार कर ली है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में घोषणा की है कि प्रदेश के सभी जर्जर स्कूलों का जल्द ही नए सिरे से निर्माण करवाया जाएगा। इस नई पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब नवनिर्मित स्कूल भवनों पर उनकी निर्माण तिथि के साथ-साथ एक्सपायरी डेट भी अनिवार्य रूप से अंकित की जाएगी।
मंत्री ने तर्क दिया कि इससे भवन की निर्धारित अवधि समाप्त होने पर उसे समय रहते खाली कर गिराया जा सकेगा, जिससे मासूम बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो। कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल द्वारा उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए दिलावर ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, जिसके कारण स्कूल भवन अपनी मजबूती खो बैठे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्कूलों के कायाकल्प के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 1575 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें 575 करोड़ रुपये राज्य सरकार और 1000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। इस भारी निवेश से न केवल जर्जर ढांचों को दुरुस्त किया जाएगा, बल्कि स्कूलों में आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को एक नई ऊंचाई दी जा सके।
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